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. "दो पहलू"By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब देखने या करने में एक से लगने वाले कार्यपर निर्भर करता है कि उसे करने वाले का भाव क्या है ? हम अपनी बेटी, माँ या पत्नी से आलिंगनबद्ध होकर मिलते हैं। देखने में तीनों क्रियाएँ एक सी हैं। लेकिन मिलने के भाव में जमीन-आसमान का फर्क है। बेटी से जब हम आलिंगन करते हैं तो हमारा भाव वात्सल्य देने का होता है। माँ से जब हम आलिंगनबद्ध होते हैं तब हमारा भाव वात्सल्य पाने का होता है और जब पत्नी से आलिंगन करते हैं तब हमारा माधुर्य भाव होता है। इसी प्रकार एक डॉक्टर द्वारा पेट फाड़ना और एक बदमाश द्वारा पेट फाड़ना दोनों क्रियाएँ एक ही हैं किन्तु दोनों का भाव अलग-अलग है। डॉक्टर जीवन देने के लिये पेट फाड़ता है और बदमाश जीवन लेने के लिये। कुछ इसी तरह गोपालजी का विग्रह रखने वालों के भी भाव अलग-अलग होते हैं। किसी को केवल ठाकुरजी के दर्शन की लालसा होती है तो किसी को ठाकुरजी की सेवा की लालसा होती है। कोई उनसे कुछ पाने के लिये लाता है तो कोई उन्हें कुछ देने के लिये लाता है। किसी का भाव होता है कि विग्रह आने से ठाकुरजी हमारे घर में बने रहेंगे, हम पर कृपा करते रहेंगे, कोई संकट नहीं आने देंगे, हमारे दुख दूर करते रहेंगे। किसी का भाव केवल इतना होता है कि हमारे पड़ोस में मिसेज शर्मा के घर घर में ठाकुरजी का विग्रह है तो हमारे घर में भी होना चाहिये। हम भी ठाकुरजी को रखेंगे, हम किसी से कम हैं क्या ? अरे ! हजार दो हजार का खर्चा ही तो होगा। हमारी भी शान बनी रहेगी। जिस तरह घर में और अनेकों शोपीस रखें हैं वह भी रखें रहेंगे, उनको भी सजा दिया करेंगे, लाईटें लगा दिया करेंगे। जब आने-जाने वाले देखेंगे तो अच्छा लगेगा। इसलिये यदि आप श्री विग्रह विराजमान करशा चाहते हैं तो पहले अपने अन्दर के भावों को टटोलिये। जो लोग उनकी सेवा कर भी रहे हैं वे भी अपने अन्दर के भाव को टटोलें कि वे किस दृष्टि से सेवा कर रहे हैं। यद्यपि ठाकुरजी के श्रीविग्रह की बात ही कुछ अलग है। उनमें एक विशेष आकर्षण है। उनके श्रीविग्रह की सेवा यदि की जाय तो निश्चित ही एक न एक दिन हमारे अन्दर भगवत् सेवा के संस्कार पैदा हो ही जायेंगे। एक सच्चे साधक का प्रमुख लक्ष्य सेवा द्वारा, भजन द्वारा श्रीकृष्ण को सुख पहुँचाना होता है और इस शरीर की शान्ति के बाद चिन्मय शरीर द्वारा उनको सुख पहुँचाने वाली चरण सेवा प्राप्त करना होता है। यही मुख्य भाव होना चाहिये यदि इसके अतिरिक्त और कोई भाव है तो उसमें धीरे-धीरे सुधार करना चाहिये। ----------:::×:::---------- "जय जय श्री राधे"********************************************

. "दो पहलू"
By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब

          देखने या करने में एक से लगने वाले कार्यपर निर्भर करता है कि उसे करने वाले का भाव क्या है ?
          हम अपनी बेटी, माँ या पत्नी से आलिंगनबद्ध होकर मिलते हैं। देखने में तीनों क्रियाएँ एक सी हैं। लेकिन मिलने के भाव में जमीन-आसमान का फर्क है। बेटी से जब हम आलिंगन करते हैं तो हमारा भाव वात्सल्य देने का होता है। माँ से जब हम आलिंगनबद्ध होते हैं तब हमारा भाव वात्सल्य पाने का होता है और जब पत्नी से आलिंगन करते हैं तब हमारा माधुर्य भाव होता है। इसी प्रकार एक डॉक्टर द्वारा पेट फाड़ना और एक बदमाश द्वारा पेट फाड़ना दोनों क्रियाएँ एक ही हैं किन्तु दोनों का भाव अलग-अलग है। डॉक्टर जीवन देने के लिये पेट फाड़ता है और बदमाश जीवन लेने के लिये।
          कुछ इसी तरह गोपालजी का विग्रह रखने वालों के भी भाव अलग-अलग होते हैं। किसी को केवल ठाकुरजी के दर्शन की लालसा होती है तो किसी को ठाकुरजी की सेवा की लालसा होती है। कोई उनसे कुछ पाने के लिये लाता है तो कोई उन्हें कुछ देने के लिये लाता है। 
          किसी का भाव होता है कि विग्रह आने से ठाकुरजी हमारे घर में बने रहेंगे, हम पर कृपा करते रहेंगे, कोई संकट नहीं आने देंगे, हमारे दुख दूर करते रहेंगे। किसी का भाव केवल इतना होता है कि हमारे पड़ोस में मिसेज शर्मा के घर घर में ठाकुरजी का विग्रह है तो हमारे घर में भी होना चाहिये। हम भी ठाकुरजी को रखेंगे, हम किसी से कम हैं क्या ? अरे ! हजार दो हजार का खर्चा ही तो होगा। हमारी भी शान बनी रहेगी। जिस तरह घर में और अनेकों शोपीस रखें हैं वह भी रखें रहेंगे, उनको भी सजा दिया करेंगे, लाईटें लगा दिया करेंगे। जब आने-जाने वाले देखेंगे तो अच्छा लगेगा। 
          इसलिये यदि आप श्री विग्रह विराजमान करशा चाहते हैं तो पहले अपने अन्दर के भावों को टटोलिये। जो लोग उनकी सेवा कर भी रहे हैं वे भी अपने अन्दर के भाव को टटोलें कि वे किस दृष्टि से सेवा कर रहे हैं। यद्यपि ठाकुरजी के श्रीविग्रह की बात ही कुछ अलग है। उनमें एक विशेष आकर्षण है। उनके श्रीविग्रह की सेवा यदि की जाय तो निश्चित ही एक न एक दिन हमारे अन्दर भगवत् सेवा के संस्कार पैदा हो ही जायेंगे।
          एक सच्चे साधक का प्रमुख लक्ष्य सेवा द्वारा, भजन द्वारा श्रीकृष्ण को सुख पहुँचाना होता है और इस शरीर की शान्ति के बाद चिन्मय शरीर द्वारा उनको सुख पहुँचाने वाली चरण सेवा प्राप्त करना होता है। यही मुख्य भाव होना चाहिये यदि इसके अतिरिक्त और कोई भाव है तो उसमें धीरे-धीरे सुधार करना चाहिये।
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                          "जय जय श्री राधे"
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वास्तु मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 Main Gate Design Images(लोहा गेट)By वनिता कासनियां पंजाब ?hi Hindiइस पोस्ट में मैं आपको घर के मुख्य या मेन गेट डिजाईन फोटो के बारें में बताने वाला हूँ. एक बार घर कंस्ट्रक्शन का मुख्य काम होने के बाद आपको क्रिएटिव तरीके से सोचने की जरुरत होती हैं. घर के लिए पेंट, गेट की डिजाईन को इस कद्र चुनना चाहिए कि वह घर की सुन्दरता और शोभा को बढ़ा सके. दूसरा कारन यह भी हैं कि यह आपके सपनों का एक हिस्सा होगा, इसलिए घर के मेन गेट की डिजाईन को बहुत अच्छी और मजबूत चुननी चाहिए.यहाँ मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 सलेक्शन में लगभग 45 से अधिक अलग अलग सुन्दर डिजाईन का सिलेक्शन किया हैं. आप इन डिजाईन को देखकर अपने लिए कोई सुन्दर विचार निकाल सकते हैं.बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रमसुन्दर मेन गेट डिजाइन फोटो 2022अगर घर का कंस्ट्रक्शन काम पूरा हो गया हैं तो अब आपको इसकी सिक्यूरिटी और प्राइवेसी के बारें मे सोचना चाहिए. एक ऊँचा और मजबूत गेट घर को सिक्योर तो बनाता ही हैं, साथ में घर को सुन्दर भी बनाता हैं.2आजकल घर का मेन गेट कई डिजाईनों में बनने लग गया हैं. आप यहाँ दिखाई गयी अलग अलग डिजाईन में से कोई भी डिजाईन को चुन सकते हैं.3Main gate design photo 20224एंट्रेंस गेट कई प्रकार का होता हैं. एंट्रेंस या घर का मेन गेट का प्रकार स्विंग गेट होता हैं. स्विंग गेट अन्दर या बाहर की तरफ खुलते हैं. स्विंग गेट, सिंगल स्विंग गेट, डबल स्विंग गेट मोडल्स में आते हैं. आमतौर पर आवासीय गहरो में मेन गेट के रूप में स्विंग गेट का ऊपयोग किया जाता हैं. 5मुख्य गेट का एक प्रकार स्लाइडिंग गेट होता हैं. स्लाइडिंग गेट एक पटरी पर रेल की तरह चलते हैं, यह गेट सुरक्षा की दृष्टि से काफी अच्छे होते हैं. क्योंकि बाहर से लॉक तक आसानी से हाथ नहीं पहुँचता हैं. स्लाइडिंग गेट ड्राइव गेट के रूप में हाई सिक्यूरिटी प्रदान करते हैं.6घर के मेन गेट डिजाइन फोटो 20227हालांकि लोग घरों के बाहर लिफ्ट गेट नहीं बनाते हैं. वाहन और गाड़ियों को आवाजाही के लिए अनुमति देने के लिएय फाटक या गेट को ऊपर किया जाता हैं. लिफ्ट गेट तब चुना जाता हैं, जब घर के सामने जमीन बहुत कम होती हैं. मेन गेट डिजाइन फोटोघर का मुख्य प्रवेश द्वार खरीदने से पहले या मुख्य गेट बनाने से पहले यह सुनिश्चित जरूर कर ले कि आपने जो भी माप चुना हैं वह ठीक आयामों में मापा गया हो. 9Iron gate design photo 202210एक अच्छा गेट बनाने की चाहत रखते हैं तो आपको पहले खुद से पूछे की आप गेट से क्या उम्मीद रखते हैं, या आपकी घर के मुख्य गेट को लेकर क्या उमीदें हैं.11ऐसा हो सकता हैं कि जो गेट दिखने में सुन्दर होता हैं, वह उतना मजबूत भी हो, इसकी कोई गारंटी नहीं हैं. गेट स्टाइलिश होने के साथ साथ मजबूत भी होना चाहिए. इस बात का विशेष रूप से ख्याल रखे.12Loha gate photo for new house13गेट के लिए सही सामग्री चुने, गेट के लिए लोहा चुन सकते हैं. लोहा के अलावा आप लकड़ी भी चुन सकते हैं, लकड़ी के अलावा मार्बल भी चुना जा सकता हैं. सभी कीमत लग अलग होती हैं. लोहा का गेट सबसे सस्ता पड़ सकता हैं. उत्तम दर्जे की लकड़ी काफी महँगी पड़ सकती हैं.14यदि आप अपने गेट में लिफ्ट लगाने चाहते हैं, तो इस बात का पूरा ध्यान रखे की लिफ्ट की ऊंचाई आपके वाहन की ऊंचाई से अधिक हो.15लोहा गेट डिजाइन फोटोलोहा का गेट जिस पर सिल्वर कलर की इंटर डिजाईन आप देख सकते हैं. इस डिजाईन से गेट का लुक बहुत ही अद्भुत लग रहा हैं. आप देख सकते हैं कि गेट का कलर बिलकुल घर के कलर से मिलता झूलता हैं.17स्टील लुक के कलर में आप इस सुन्दर घर के मुख्य गेट को देख सकते है.18घरों के लिए सामने गेट डिजाइन19मेन गेट डिजाइन फोटो को आप इन इमेज में देख सकते हैं.20मेन गेट डिजाइन फोटो को देखे.21Ghar ke main darvaje ki design photo22फेंसी और न्यू डिजाईन से मिक्स गेट को आप इस फोटो में देख सकते हैं.23सिंपल हैंडल ओपनिंग गेट डिजाईन आप देख सकते, यह डिजाईन आजकल खूब पसंद नहीं की जाती हैं.घर के मेन दरवाजे की डिजाइन25बहुत ही सुन्दर और आकर्षक गेट की डिजाईन को आप इस फोटो में देख सकते हैं. इस तरह की डिजाईन आजकल खूब पसंद की जाती हैं.27घर के बाहर के मेन गेट की डिजाइन28मजबूत और सुन्दर भाला रेलिंग के रूप में यह डिजाईन घर के मुख्य दरवाजे गेट के लिए पसंद की जा सकती हैं.29यह एक चादर गेट हैं, घर के लिए मुख्य दरवाजे के रूप में इसको पसंद किया जा सकता हैं.30चादर गेट डिजाइन31बीच में पतली चद्दर पट्टी का मुख्य गेट आपके दिल को खुश कर सकता हैं.चद्दर पाइपों से मिलकर बना यह गेट आपको खूब पसंद आ सकता हैं.33फैंसी लोहा गेट डिजाइन फोटो 34प्लेन सिंपल और हल्का आप इस मेन गेट को फोटो में दख सकते हैं.35बड़ा मेहराब आकर का यह गेट बहुत ही मजबूत होता हैं, इसका वजन लगभग 300 किलो तक होता हैं.36फैंसी गेट डिजाईन फोटो37लकड़ी लुक का सुन्दर मुख्य गेट आप इस फोटो में देख सकते हैं.38वाहन की एंट्री और घर के सदस्यों के लिए अलग अलग दो गेट बनाए जा सकते हैं. इसका फायदा यह हैं की बार बार बड़ा वाला गेट को खोलने की जरुरत नहीं होती हैं.नए जमाने के गेट डिजाईन39लकड़ी का बना हुआ यह गेट आपको खूब पसंद आएगा. अगर मुख्य दरवाजे पर लकड़ी का गेट बनाया जाता हैं, तो यह ध्यान रखना चाहिए कि लकड़ी वाटर प्रूफ हो.लोहे की चादर और सिंपल डिजाईन से बना गेट आप इस घर के मेन गेट पर देख सकते हैं.41नए घर के गेट42लोहे की सिंपल डिजाईन का गेट आप इस घर के मुख्य गेट में देख सकते हैं.43मकान के टावर की डिजाइन – Staircase Tower Design photo simple Homeदुनिया का सबसे ऊंचा बड़ा बिल्डिंग टावर इमारत (duniya ki sabse unchi building)43घर के लिए एंट्रेंस गेट डिजाईन फोटो44यहाँ बताये गए डिजाईन आपको अगर पसंद आये हो तो हमने मकान टावर और घर के समें की डिजाईन की फोटो डिजाईन भी अपलोड की हैं. आप उनको भी देख सकते हैं.45घर का बाहरी डिजाइन फोटो & गांव के घर का डिजाइन – Village House Designघ बनाने का तरीका – Ghar Banane Ka Tarika in hindiLeave a ReplyYour email address will not be published. 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Skip to conte वास्तु मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 Main Gate Design Images(लोहा गेट) By वनिता कासनियां पंजाब ?  Hindi इस पोस्ट में मैं आपको घर के मुख्य या मेन गेट डिजाईन फोटो के बारें में बताने वाला हूँ. एक बार घर कंस्ट्रक्शन का मुख्य काम होने के बाद आपको क्रिएटिव तरीके से सोचने की जरुरत होती हैं. घर के लिए पेंट, गेट की डिजाईन को इस कद्र चुनना चाहिए कि वह घर की सुन्दरता और शोभा को बढ़ा सके. दूसरा कारन यह भी हैं कि यह आपके सपनों का एक हिस्सा होगा ,  इसलिए घर के मेन गेट की डिजाईन को बहुत अच्छी और मजबूत चुननी चाहिए. यहाँ मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 सलेक्शन में लगभग 45 से अधिक अलग अलग सुन्दर डिजाईन का सिलेक्शन किया हैं. आप इन डिजाईन को देखकर अपने लिए कोई सुन्दर विचार निकाल सकते हैं. बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रम सुन्दर मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 अगर घर का कंस्ट्रक्शन काम पूरा हो गया हैं तो अब आपको इसकी सिक्यूरिटी और प्राइवेसी के बारें मे सोचना चाहिए. एक ऊँचा और मजबूत गेट घर को सिक्योर तो बनाता ही हैं, साथ में घर को सुन्दर भी बनाता हैं. आजकल घर का मेन गेट कई डिजाईनों में बनने लग गया हैं. ...

Vastu Tips: घर के इन स्थानों पर भूल से भी न बनवाएं कुआं, होगी हानि ही हानि By वनिता कासनियां पंजाब शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथवास्तु शास्त्री बताते हैं कि घर में गहरी खुदाई के लिए पूर्व दिशा का चयन करना शुभकारी होता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग घर में पानी की आवश्यकता के लिए बोरपांप अथवा कुएं की खुदाई करवाते हैं। मगर इस दौरान दिशाओं का ध्यान रखना अधिक आवश्यक होता है। अन्यथा वहां रह रहे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।दरअसल वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य नौ प्रमुख स्थानों के बारे में बताया है। जिनमें आठ दिशाएं तथा एक ब्रह्म स्थान शामिल है। कहा जाता है इन समस्त स्थानों में से ब्रह्म स्थान पर अत्थाधिक ऊंचाई होना अथवा कुआं व बोर खोदा जाना हानिकारक साबित होता है। इस लिए इस स्थान पर ऐसा कोई भी कार्य करने से बचना चाहिए।इसके अलावा वास्तु शास्त्री बताते हैं कि वायव्य कोण जिसे उत्तर-पश्चिम कहा जाता है, कोने में बोर व कुएं का निर्माण करवाने से दैहिक-दैविक तथा भौतिक कष्ट होने की आशंका बढ़ जाती है। इतना ही नहीं घर के सदस्यों को मानिसक परेशानियां होने लगती है। क्योंकि यह चंद्रमा की दिशा मानी जाती है, इसलिए यहां दोष पैदा होने से मनोभाव प्रभावित होता है।नैऋ़त्य कोण यानि दक्षिण-पश्चिम में बोर, कुआं होने से घर स्वामी के नाश का संकेत होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिशा राहू की होती है, इस दिशा में अधिक खुदाई करने से आकस्मिक घटनाक्रम बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही इस दिशा में बोर व कुआं होने से स्त्री को कष्ट होता है, घर की मालकिन का प्रभाव कमजोर होता है।इसके अतिरिक्त दक्षिण-पूर्व में उक्त व्यवस्था होने से घर के बच्चों को कष्ट की आशंका रहती है। उनकी शिक्षा दीक्षा तथा लालन-पालन में कमी रह जाती है।वास्तु के अनुसार कुआं और वाटर बोर उत्तर-पूर्व एवं उत्तर दिशा में होना शुभ होता है। उत्तर दिशा बुध ग्रह की होती है, जिसे हल्की दिशा माना जाता है।कहा जाता है इस दिशा में जल का प्रवाह सकारात्मक रहता है ठीक उसी तरह उत्तर-पूर्व गुरु की दिशा होती है, जिसे ईशान कोण कहते हैं। इस दिशा को पूजा आदि की दिशा कहा जाता है। यह दिशा व स्थान में स्वच्छ जल का प्रवाह और संग्रह सुख सौख्य कारक मानी जाती है।,

Vastu Tips: घर के इन स्थानों पर भूल से भी न बनवाएं कुआं, होगी हानि ही हानि By वनिता कासनियां पंजाब   शास्त्रों की बात ,  जानें धर्म के साथ वास्तु शास्त्री बताते हैं कि घर में गहरी खुदाई के लिए पूर्व दिशा का चयन करना शुभकारी होता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग घर में पानी की आवश्यकता के लिए बोरपांप अथवा कुएं की खुदाई करवाते हैं। मगर इस दौरान दिशाओं का ध्यान रखना अधिक आवश्यक होता है। अन्यथा वहां रह रहे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दरअसल वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य नौ प्रमुख स्थानों के बारे में बताया है। जिनमें आठ दिशाएं तथा एक ब्रह्म स्थान शामिल है। कहा जाता है इन समस्त स्थानों में से ब्रह्म स्थान पर अत्थाधिक ऊंचाई होना अथवा कुआं व बोर खोदा जाना हानिकारक साबित होता है। इस लिए इस स्थान पर ऐसा कोई भी कार्य करने से बचना चाहिए। इसके अलावा वास्तु शास्त्री बताते हैं कि वायव्य कोण जिसे उत्तर-पश्चिम कहा जाता है, कोने में बोर व कुएं का निर्माण करवाने से दैहिक-दैविक तथा भौतिक कष्ट होने की आशंका बढ़ जाती है। इतना ही नहीं घर के सदस्यों को मानिसक परेशान...

वास्तु के अनुसार, हमारे आसपास कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं, जिनके इस्तेमाल से न केवल घर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है बल्कि वे हमारे जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. By #वनिता #कासनियां #पंजाब आज हम बात कर रहे हैं ईशान कोण की. ईशान कोण शुभ दिशा में से एक है. उत्तर और #पूर्व के बीच की दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. ऐसे में इस दिशा के महत्व के बारे में पता होना जरूरी है. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि ईशान कोण की #दिशा का क्या महत्व है और यह कैसे हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. पढ़ते हैं आगे...ईशान कोण का महत्वईशान कोण को देवताओं की दिशा माना जाता है. कहते हैं शिव जी का एक नाम ईशान भी है. इस दिशा में सभी देवी देवताओं का वास रहता है.ईशान कोण में धरती थोड़ी उठी हुई और झुकी हुई होती है इसके अलावा इस कोण में धरती का आकाश ज्यादा खुला और बड़ा नजर आता है.ईशान कोण में ग्रह बृहस्पति और देवता ब्रह्मा का भी वास है. ऐसे में इस दिशा में जल का घड़ा भर कर रखा जा सकता है.वास्तु के अनुसार ईशान कोण में ही पूजा घर भी बनवाना चाहिए. हालांकि किसी लाल किताब की जानकारी से जानकारी लेकर ही ऐसा करें.ईशान कोण को धन, स्वास्थ्य, ऐश्वर्या, वंश और मान-सम्मान का कोण माना जाता है. इस दिशा को बेहद ही स्वच्छ और पवित्र दिशा माना जाता है.#मुख्य #द्वार यदि ईशान कोण में हो तो ऐसा बेहद ही शुभ माना जाता है. ऐसे में लोग अपना घर का मुख्य द्वार #ईशान मुखी बनवाते हैं. हालांकि शौचालय, किचन और शयन कक्ष के लिए भी वास्तु की राय लेनी जरूरी है.जरूरी उपायईशान कोण में #तुलसी का #पौधा लगाने से जीवन में कोई संकट नहीं आता है.ईशान कोण में धन और आभूषण रखने से घर में रहने वाले लोग #बुद्धिमान बनते हैं.इस दिशा में मुख्य दरवाजा होने से लगातार वायु का प्रवाह बना रहता है.

वास्तु के अनुसार, हमारे आसपास कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं, जिनके इस्तेमाल से न केवल घर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है बल्कि वे हमारे जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है.By #वनिता #कासनियां #पंजाब आज हम बात कर रहे हैं ईशान कोण की. ईशान कोण शुभ दिशा में से एक है. उत्तर और #पूर्व के बीच की दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. ऐसे में इस दिशा के महत्व के बारे में पता होना जरूरी है. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि ईशान कोण की #दिशा का क्या महत्व है और यह कैसे हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. पढ़ते हैं आगे...ईशान कोण का महत्वईशान कोण को देवताओं की दिशा माना जाता है. कहते हैं शिव जी का एक नाम ईशान भी है. इस दिशा में सभी देवी देवताओं का वास रहता है.ईशान कोण में धरती थोड़ी उठी हुई और झुकी हुई होती है इसके अलावा इस कोण में धरती का आकाश ज्यादा खुला और बड़ा नजर आता है.ईशान कोण में ग्रह बृहस्पति और देवता ब्रह्मा का भी वास है. ऐसे में इस दिशा में जल का घड़ा भर कर रखा जा सकता है.वास्तु के अनुसार ईशान कोण में ही पूजा घर भी बनवाना चाहि...