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, वास्तु शास्त्र में हर वस्तु के लिए विशेष स्थान और दिशा दी गई है, जिसका प्रभाव मनुष्यों की जिंदगी पर पड़ता है। By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब हिंदू धर्म में झाड़ू को लक्ष्मी मां का प्रतीक माना गया है। यूं तो झाड़ू का इस्तेमाल किसी भी जगह की साफ-सफाई के लिए किया जाता है, लेकिन इससे जुड़े शगुन और अपशगुन भी हमारे जीवन में गहरा प्रभाव डालते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू रखने की शुभ दिशा दक्षिण पश्चिम या पश्चिम है। मान्यता है कि इस दिशा में झाड़ू रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार नहीं होता। हालांकि, अगर घर में सही दिशा में झाड़ू नहीं रखी है, तो इसका अपनी जिंदगी पर गलत प्रभाव पड़ता है।-घर में गलत दिशा में झाड़ू रखने से वास्तु दोष होता है।

In Vastu Shastra, a special place and direction is given for every thing, which has an effect on the life of human beings. By philanthropist Vanita Kasani, in Punjab Hinduism, the broom is considered a symbol of the mother Lakshmi. Although the broom is used for the cleanliness of any place, but the omen and the ominant associated with it also have a profound effect in our lives. According to Vastu Shastra the auspicious direction to keep the broom is South West or West. It is believed that keeping the broom in this direction does not transmit negative energy in the house. However, if the broom is not kept in the right direction in the house, it has a wrong effect on one's life.

 Vastu defects are caused by keeping the broom in the wrong direction in the house.

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वास्तु मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 Main Gate Design Images(लोहा गेट)By वनिता कासनियां पंजाब ?hi Hindiइस पोस्ट में मैं आपको घर के मुख्य या मेन गेट डिजाईन फोटो के बारें में बताने वाला हूँ. एक बार घर कंस्ट्रक्शन का मुख्य काम होने के बाद आपको क्रिएटिव तरीके से सोचने की जरुरत होती हैं. घर के लिए पेंट, गेट की डिजाईन को इस कद्र चुनना चाहिए कि वह घर की सुन्दरता और शोभा को बढ़ा सके. दूसरा कारन यह भी हैं कि यह आपके सपनों का एक हिस्सा होगा, इसलिए घर के मेन गेट की डिजाईन को बहुत अच्छी और मजबूत चुननी चाहिए.यहाँ मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 सलेक्शन में लगभग 45 से अधिक अलग अलग सुन्दर डिजाईन का सिलेक्शन किया हैं. आप इन डिजाईन को देखकर अपने लिए कोई सुन्दर विचार निकाल सकते हैं.बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रमसुन्दर मेन गेट डिजाइन फोटो 2022अगर घर का कंस्ट्रक्शन काम पूरा हो गया हैं तो अब आपको इसकी सिक्यूरिटी और प्राइवेसी के बारें मे सोचना चाहिए. एक ऊँचा और मजबूत गेट घर को सिक्योर तो बनाता ही हैं, साथ में घर को सुन्दर भी बनाता हैं.2आजकल घर का मेन गेट कई डिजाईनों में बनने लग गया हैं. आप यहाँ दिखाई गयी अलग अलग डिजाईन में से कोई भी डिजाईन को चुन सकते हैं.3Main gate design photo 20224एंट्रेंस गेट कई प्रकार का होता हैं. एंट्रेंस या घर का मेन गेट का प्रकार स्विंग गेट होता हैं. स्विंग गेट अन्दर या बाहर की तरफ खुलते हैं. स्विंग गेट, सिंगल स्विंग गेट, डबल स्विंग गेट मोडल्स में आते हैं. आमतौर पर आवासीय गहरो में मेन गेट के रूप में स्विंग गेट का ऊपयोग किया जाता हैं. 5मुख्य गेट का एक प्रकार स्लाइडिंग गेट होता हैं. स्लाइडिंग गेट एक पटरी पर रेल की तरह चलते हैं, यह गेट सुरक्षा की दृष्टि से काफी अच्छे होते हैं. क्योंकि बाहर से लॉक तक आसानी से हाथ नहीं पहुँचता हैं. स्लाइडिंग गेट ड्राइव गेट के रूप में हाई सिक्यूरिटी प्रदान करते हैं.6घर के मेन गेट डिजाइन फोटो 20227हालांकि लोग घरों के बाहर लिफ्ट गेट नहीं बनाते हैं. वाहन और गाड़ियों को आवाजाही के लिए अनुमति देने के लिएय फाटक या गेट को ऊपर किया जाता हैं. लिफ्ट गेट तब चुना जाता हैं, जब घर के सामने जमीन बहुत कम होती हैं. मेन गेट डिजाइन फोटोघर का मुख्य प्रवेश द्वार खरीदने से पहले या मुख्य गेट बनाने से पहले यह सुनिश्चित जरूर कर ले कि आपने जो भी माप चुना हैं वह ठीक आयामों में मापा गया हो. 9Iron gate design photo 202210एक अच्छा गेट बनाने की चाहत रखते हैं तो आपको पहले खुद से पूछे की आप गेट से क्या उम्मीद रखते हैं, या आपकी घर के मुख्य गेट को लेकर क्या उमीदें हैं.11ऐसा हो सकता हैं कि जो गेट दिखने में सुन्दर होता हैं, वह उतना मजबूत भी हो, इसकी कोई गारंटी नहीं हैं. गेट स्टाइलिश होने के साथ साथ मजबूत भी होना चाहिए. इस बात का विशेष रूप से ख्याल रखे.12Loha gate photo for new house13गेट के लिए सही सामग्री चुने, गेट के लिए लोहा चुन सकते हैं. लोहा के अलावा आप लकड़ी भी चुन सकते हैं, लकड़ी के अलावा मार्बल भी चुना जा सकता हैं. सभी कीमत लग अलग होती हैं. लोहा का गेट सबसे सस्ता पड़ सकता हैं. उत्तम दर्जे की लकड़ी काफी महँगी पड़ सकती हैं.14यदि आप अपने गेट में लिफ्ट लगाने चाहते हैं, तो इस बात का पूरा ध्यान रखे की लिफ्ट की ऊंचाई आपके वाहन की ऊंचाई से अधिक हो.15लोहा गेट डिजाइन फोटोलोहा का गेट जिस पर सिल्वर कलर की इंटर डिजाईन आप देख सकते हैं. इस डिजाईन से गेट का लुक बहुत ही अद्भुत लग रहा हैं. आप देख सकते हैं कि गेट का कलर बिलकुल घर के कलर से मिलता झूलता हैं.17स्टील लुक के कलर में आप इस सुन्दर घर के मुख्य गेट को देख सकते है.18घरों के लिए सामने गेट डिजाइन19मेन गेट डिजाइन फोटो को आप इन इमेज में देख सकते हैं.20मेन गेट डिजाइन फोटो को देखे.21Ghar ke main darvaje ki design photo22फेंसी और न्यू डिजाईन से मिक्स गेट को आप इस फोटो में देख सकते हैं.23सिंपल हैंडल ओपनिंग गेट डिजाईन आप देख सकते, यह डिजाईन आजकल खूब पसंद नहीं की जाती हैं.घर के मेन दरवाजे की डिजाइन25बहुत ही सुन्दर और आकर्षक गेट की डिजाईन को आप इस फोटो में देख सकते हैं. इस तरह की डिजाईन आजकल खूब पसंद की जाती हैं.27घर के बाहर के मेन गेट की डिजाइन28मजबूत और सुन्दर भाला रेलिंग के रूप में यह डिजाईन घर के मुख्य दरवाजे गेट के लिए पसंद की जा सकती हैं.29यह एक चादर गेट हैं, घर के लिए मुख्य दरवाजे के रूप में इसको पसंद किया जा सकता हैं.30चादर गेट डिजाइन31बीच में पतली चद्दर पट्टी का मुख्य गेट आपके दिल को खुश कर सकता हैं.चद्दर पाइपों से मिलकर बना यह गेट आपको खूब पसंद आ सकता हैं.33फैंसी लोहा गेट डिजाइन फोटो 34प्लेन सिंपल और हल्का आप इस मेन गेट को फोटो में दख सकते हैं.35बड़ा मेहराब आकर का यह गेट बहुत ही मजबूत होता हैं, इसका वजन लगभग 300 किलो तक होता हैं.36फैंसी गेट डिजाईन फोटो37लकड़ी लुक का सुन्दर मुख्य गेट आप इस फोटो में देख सकते हैं.38वाहन की एंट्री और घर के सदस्यों के लिए अलग अलग दो गेट बनाए जा सकते हैं. इसका फायदा यह हैं की बार बार बड़ा वाला गेट को खोलने की जरुरत नहीं होती हैं.नए जमाने के गेट डिजाईन39लकड़ी का बना हुआ यह गेट आपको खूब पसंद आएगा. अगर मुख्य दरवाजे पर लकड़ी का गेट बनाया जाता हैं, तो यह ध्यान रखना चाहिए कि लकड़ी वाटर प्रूफ हो.लोहे की चादर और सिंपल डिजाईन से बना गेट आप इस घर के मेन गेट पर देख सकते हैं.41नए घर के गेट42लोहे की सिंपल डिजाईन का गेट आप इस घर के मुख्य गेट में देख सकते हैं.43मकान के टावर की डिजाइन – Staircase Tower Design photo simple Homeदुनिया का सबसे ऊंचा बड़ा बिल्डिंग टावर इमारत (duniya ki sabse unchi building)43घर के लिए एंट्रेंस गेट डिजाईन फोटो44यहाँ बताये गए डिजाईन आपको अगर पसंद आये हो तो हमने मकान टावर और घर के समें की डिजाईन की फोटो डिजाईन भी अपलोड की हैं. आप उनको भी देख सकते हैं.45घर का बाहरी डिजाइन फोटो & गांव के घर का डिजाइन – Village House Designघ बनाने का तरीका – Ghar Banane Ka Tarika in hindiLeave a ReplyYour email address will not be published. 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Skip to conte वास्तु मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 Main Gate Design Images(लोहा गेट) By वनिता कासनियां पंजाब ?  Hindi इस पोस्ट में मैं आपको घर के मुख्य या मेन गेट डिजाईन फोटो के बारें में बताने वाला हूँ. एक बार घर कंस्ट्रक्शन का मुख्य काम होने के बाद आपको क्रिएटिव तरीके से सोचने की जरुरत होती हैं. घर के लिए पेंट, गेट की डिजाईन को इस कद्र चुनना चाहिए कि वह घर की सुन्दरता और शोभा को बढ़ा सके. दूसरा कारन यह भी हैं कि यह आपके सपनों का एक हिस्सा होगा ,  इसलिए घर के मेन गेट की डिजाईन को बहुत अच्छी और मजबूत चुननी चाहिए. यहाँ मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 सलेक्शन में लगभग 45 से अधिक अलग अलग सुन्दर डिजाईन का सिलेक्शन किया हैं. आप इन डिजाईन को देखकर अपने लिए कोई सुन्दर विचार निकाल सकते हैं. बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रम सुन्दर मेन गेट डिजाइन फोटो 2022 अगर घर का कंस्ट्रक्शन काम पूरा हो गया हैं तो अब आपको इसकी सिक्यूरिटी और प्राइवेसी के बारें मे सोचना चाहिए. एक ऊँचा और मजबूत गेट घर को सिक्योर तो बनाता ही हैं, साथ में घर को सुन्दर भी बनाता हैं. आजकल घर का मेन गेट कई डिजाईनों में बनने लग गया हैं. ...

वास्तु के अनुसार, हमारे आसपास कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं, जिनके इस्तेमाल से न केवल घर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है बल्कि वे हमारे जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. By #वनिता #कासनियां #पंजाब आज हम बात कर रहे हैं ईशान कोण की. ईशान कोण शुभ दिशा में से एक है. उत्तर और #पूर्व के बीच की दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. ऐसे में इस दिशा के महत्व के बारे में पता होना जरूरी है. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि ईशान कोण की #दिशा का क्या महत्व है और यह कैसे हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. पढ़ते हैं आगे...ईशान कोण का महत्वईशान कोण को देवताओं की दिशा माना जाता है. कहते हैं शिव जी का एक नाम ईशान भी है. इस दिशा में सभी देवी देवताओं का वास रहता है.ईशान कोण में धरती थोड़ी उठी हुई और झुकी हुई होती है इसके अलावा इस कोण में धरती का आकाश ज्यादा खुला और बड़ा नजर आता है.ईशान कोण में ग्रह बृहस्पति और देवता ब्रह्मा का भी वास है. ऐसे में इस दिशा में जल का घड़ा भर कर रखा जा सकता है.वास्तु के अनुसार ईशान कोण में ही पूजा घर भी बनवाना चाहिए. हालांकि किसी लाल किताब की जानकारी से जानकारी लेकर ही ऐसा करें.ईशान कोण को धन, स्वास्थ्य, ऐश्वर्या, वंश और मान-सम्मान का कोण माना जाता है. इस दिशा को बेहद ही स्वच्छ और पवित्र दिशा माना जाता है.#मुख्य #द्वार यदि ईशान कोण में हो तो ऐसा बेहद ही शुभ माना जाता है. ऐसे में लोग अपना घर का मुख्य द्वार #ईशान मुखी बनवाते हैं. हालांकि शौचालय, किचन और शयन कक्ष के लिए भी वास्तु की राय लेनी जरूरी है.जरूरी उपायईशान कोण में #तुलसी का #पौधा लगाने से जीवन में कोई संकट नहीं आता है.ईशान कोण में धन और आभूषण रखने से घर में रहने वाले लोग #बुद्धिमान बनते हैं.इस दिशा में मुख्य दरवाजा होने से लगातार वायु का प्रवाह बना रहता है.

वास्तु के अनुसार, हमारे आसपास कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं, जिनके इस्तेमाल से न केवल घर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है बल्कि वे हमारे जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है.By #वनिता #कासनियां #पंजाब आज हम बात कर रहे हैं ईशान कोण की. ईशान कोण शुभ दिशा में से एक है. उत्तर और #पूर्व के बीच की दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. ऐसे में इस दिशा के महत्व के बारे में पता होना जरूरी है. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि ईशान कोण की #दिशा का क्या महत्व है और यह कैसे हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. पढ़ते हैं आगे...ईशान कोण का महत्वईशान कोण को देवताओं की दिशा माना जाता है. कहते हैं शिव जी का एक नाम ईशान भी है. इस दिशा में सभी देवी देवताओं का वास रहता है.ईशान कोण में धरती थोड़ी उठी हुई और झुकी हुई होती है इसके अलावा इस कोण में धरती का आकाश ज्यादा खुला और बड़ा नजर आता है.ईशान कोण में ग्रह बृहस्पति और देवता ब्रह्मा का भी वास है. ऐसे में इस दिशा में जल का घड़ा भर कर रखा जा सकता है.वास्तु के अनुसार ईशान कोण में ही पूजा घर भी बनवाना चाहि...

वास्तु शास्त्रBy समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबकिसी अन्य भाषा में पढ़ेंडाउनलोड करेंध्यान रखेंसंपादित करेंStub icon यह लेख एक आधार है। जानकारी जोड़कर इसे बढ़ाने में विकिपीडिया की मदद करें।संस्कृत में कहा गया है कि... गृहस्थस्य क्रियास्सर्वा न सिद्धयन्ति गृहं विना। [1]वास्तु शास्त्र घर, प्रासाद, भवन अथवा मन्दिर निर्माण करने का प्राचीन भारतीय विज्ञान है जिसे आधुनिक समय के विज्ञान आर्किटेक्चर का प्राचीन स्वरुप माना जा सकता है। जीवन में जिन वस्तुओं का हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होता है उन वस्तुओं को किस प्रकार से रखा जाए वह भी वास्तु है वस्तु शब्द से वास्तु का निर्माण हुआ हैवास्तु पुरुष की अवधारणाडिजाइन दिशात्मक संरेखण के आधार पर कर रहे हैं। यह हिंदू वास्तुकला में लागू किया जाता है, हिंदू मंदिरों के लिये और वाहनों सहित, बर्तन, फर्नीचर, मूर्तिकला, चित्रों, आदि।दक्षिण भारत में वास्तु का नींव परंपरागत महान साधु मायन को जिम्मेदार माना जाता है और उत्तर भारत में विश्वकर्मा को जिम्मेदार माना जाता है।वास्तुशास्त्र एवं दिशाएं संपादित करेंवास्तुशास्त्र एवं दिशाएंउत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम ये चार मूल दिशाएं हैं। वास्तु विज्ञान में इन चार दिशाओं के अलावा 4 विदिशाएं हैं। आकाश और पाताल को भी इसमें दिशा स्वरूप शामिल किया गया है। इस प्रकार चार दिशा, चार विदिशा और आकाश पाताल को जोड़कर इस विज्ञान में दिशाओं की संख्या कुल दस माना गया है। मूल दिशाओं के मध्य की दिशा ईशान, आग्नेय, नैऋत्य और वायव्य को विदिशा कहा गया है।वास्तुशास्त्र में पूर्व दिशा संपादित करेंवास्तुशास्त्र में यह दिशा बहुत ही महत्वपूर्ण मानी गई है क्योंकि यह सूर्य के उदय होने की दिशा है। इस दिशा के स्वामी देवता इन्द्र हैं। भवन बनाते समय इस दिशा को सबसे अधिक खुला रखना चाहिए। यह सुख और समृद्धि कारक होता है। इस दिशा में वास्तुदोष होने पर घर भवन में रहने वाले लोग बीमार रहते हैं। परेशानी और चिन्ता बनी रहती हैं। उन्नति के मार्ग में भी बाधा आति है।वास्तुशास्त्र में आग्नेय दिशासंपादित करेंपूर्व और दक्षिण के मध्य की दिशा को आग्नेय दिशा कहते हैं। अग्निदेव इस दिशा के स्वामी हैं। इस दिशा में वास्तुदोष होने पर घर का वातावरण अशांत और तनावपूर्ण रहता है। धन की हानि होती है। मानसिक परेशानी और चिन्ता बनी रहती है। यह दिशा शुभ होने पर भवन में रहने वाले उर्जावान और स्वास्थ रहते हैं। इस दिशा में रसोईघर का निर्माण वास्तु की दृष्टि से श्रेष्ठ होता है। अग्नि से सम्बन्धित सभी कार्य के लिए यह दिशा शुभ होता है।वास्तुशास्त्र में दक्षिण दिशासंपादित करेंइस दिशा के स्वामी यम देव हैं। यह दिशा वास्तुशास्त्र में सुख और समृद्धि का प्रतीक होता है। इस दिशा को खाली नहीं रखना चाहिए। दक्षिण दिशा में वास्तु दोष होने पर मान सम्मान में कमी एवं रोजी रोजगार में परेशानी का सामना करना होता है। गृहस्वामी के निवास के लिए यह दिशा सर्वाधिक उपयुक्त होता है।वास्तुशास्त्र में नैऋत्य दिशासंपादित करेंदक्षिण और पश्चिम के मध्य की दिशा को नैऋत्य दिशा कहते हैं। इस दिशा का वास्तुदोष दुर्घटना, रोग एवं मानसिक अशांति देता है। यह आचरण एवं व्यवहार को भी दूषित करता है। भवन निर्माण करते समय इस दिशा को भारी रखना चाहिए। इस दिशा का स्वामी राक्षस है। यह दिशा वास्तु दोष से मुक्त होने पर भवन में रहने वाला व्यक्ति सेहतमंद रहता है एवं उसके मान सम्मान में भी वृद्धि होती है।वास्तुशास्त्र में ईशान दिशासंपादित करेंईशान दिशा के स्वामी शिव होते हैं, इस दिशा में कभी भी शोचालय नहीं बनाना चाहिये!नलकुप, कुंआ आदि इस दिशा में बनाने से जल प्रचुर मात्रा में प्राप्त होता है।सन्दर्भसंपादित करें↑ "वास्तुशास्त्र विभाग, संस्कृत विद्यापीठ , नई दिल्ली". मूल से 12 अगस्त 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 अगस्त 2017.इन्हें भी देखेंसंपादित करेंवास्तुकला (आर्किटेक्चर)BAL Vnita mahila ashramशिल्पशास्त्रभारतीय स्थापत्यकलाबाहरी कड़ियाँसंपादित करेंस्थापत्य वेद - यहाँ सभी प्रमुख स्थापत्य वेद देवनागरी में उपलब्ध हैं।वास्तुविद्या के अनुसार भवन में कक्षों में का उपयुक्त स्थान (अखण्ड ज्योति १९९९)रूपमण्डनम् (वास्तुशास्त्र का संस्कृत ग्रंथ) (गूगल पुस्तक ; व्याख्याता - बलराम श्रीवास्तव)क्या है वास्तु ? (पंजाबकेसरी)आपके घर की वास्‍तु विशेषताएंआपके सपनों के घर में वास्तु की भूमिकाVnita Kasnia घर के लिए वास्तुवास्तु अनुसार टॉयलेट टिप्स और उपायLast edited 10 days ago By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबRELATED PAGESपूर्ववास्तुकलावास्तुकलाहिन्दू मन्दिर वास्तुकलाधार्मिक स्थलसामग्री CC BY-SA 3.0 By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबके अधीन है जब तक अलग से उल्लेख ना किया गया हो।गोपनीयता नीति उपयोग की शर्तेंडेस्कटॉप

वास्तु शास्त्र By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें यह लेख एक  आधार  है। जानकारी जोड़कर इसे  बढ़ाने में  विकिपीडिया की मदद करें। संस्कृत  में कहा गया है कि...  गृहस्थस्य क्रियास्सर्वा न सिद्धयन्ति गृहं विना।   [1] वास्तु शास्त्र  घर, प्रासाद,  भवन  अथवा  मन्दिर  निर्माण करने का प्राचीन भारतीय विज्ञान है जिसे आधुनिक समय के विज्ञान आर्किटेक्चर का प्राचीन स्वरुप माना जा सकता है। जीवन में जिन वस्तुओं का हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होता है उन वस्तुओं को किस प्रकार से रखा जाए वह भी वास्तु है वस्तु शब्द से वास्तु का निर्माण हुआ है वास्तु पुरुष की अवधारणा डिजाइन दिशात्मक संरेखण के आधार पर कर रहे हैं। यह हिंदू वास्तुकला में लागू किया जाता है, हिंदू मंदिरों के लिये और वाहनों सहित, बर्तन, फर्नीचर, मूर्तिकला, चित्रों, आदि। दक्षिण भारत में वास्तु का नींव परंपरागत महान साधु  मायन  को जिम्मेदार माना जाता है और उत्तर भारत में  विश्वकर्मा  को जिम्मेदार माना जाता है। वा...